- उंट - उष्ट्र‚ क्रमेलकः
- उद्बिलाव -
- कछुआ - कच्छप:
- केकडा - कर्कट: ‚ कुलीरः
- कुत्ता - श्वान:, कुक्कुर:‚ कौलेयकः‚ सारमेयः
- कुतिया – सरमा‚ शुनि
- कंगारू - कंगारुः
- कनखजूरा – कर्णजलोका
- खरगोश - शशक:
- गाय - गो, धेनु:
- गैंडा - खड्.गी
- गीदड (सियार) - श्रृगाल:‚ गोमायुः
- गिलहरी - चिक्रोड:
- गिरगिट - कृकलास:
- गोह – गोधा
- गधा - गर्दभ:, रासभ:‚ खरः
- घोडा - अश्व:, सैन्धवम्‚ सप्तिः‚ रथ्यः‚ वाजिन्‚ हयः
- चूहा - मूषक:
- चीता - तरक्षु:, चित्रक:
- चित्तीदार घोडा - चित्ररासभ:
- छछूंदर - छुछुन्दर:
- छिपकली – गृहगोधिका
- जिराफ - चित्रोष्ट्र:
- तेंदुआ – तरक्षुः
- दरियाई घोडा - जलाश्व:
- नेवला - नकुल:
- नीलगाय - गवय:
- बैल - वृषभ: ‚ उक्षन्‚ अनडुह
- बन्दर - मर्कट:
- बाघ - व्याघ्र:‚ द्वीपिन्
- बकरी - अजा
- बकरा - अज:
- बनमानुष - वनमनुष्य:
- बिल्ली - मार्जार:, बिडाल:
- भालू - भल्लूक:
- भैस - महिषी
- भैंसा – महिषः
- भेंडिया - वृक:
- भेंड - मेष:
- मकड़ी – उर्णनाभः‚ तन्तुनाभः‚ लूता
- मगरमच्छ - मकर: ‚ नक्रः
- मछली – मत्स्यः‚ मीनः‚ झषः
- मेंढक - दर्दुरः‚ भेकः
- लोमडी -लोमशः
- शेर - सिंह:‚ केसरिन्‚ मृगेन्द्रः‚ हरिः
- सुअर - सूकर:‚ वराहः
- सेही – शल्यः
- हाथी - हस्ति, करि, गज:
- हिरन - मृग:
इति
- अबाबील -
- उल्लू - उलूक:‚ कौशिकः
- कोयल - कोकिल:, पिक:
- कौआ - काक:‚ ध्वांग्सः‚ वायसः
- कबूतर - कपाेत:‚ पारावकः
- क्रौंच - क्रौंच:
- कठफोडवा - दार्वाघाटः
- गिद्ध - गृध्र:
- गौरैया - चटक:
- गरुण - गरुण:
- चील - श्येन:
- चमगादड - जतुका
- चकोर - चका्ेर:
- चकवा - चक्रवाक:
- जलमुर्गी - जलकुक्कुटी
- तीतर - तित्तिर:
- तोता - शुक:‚ कीरः
- धनेश -
- नीलकंठ - नीलकण्ठ:‚ चाषः
- पतंगा – शलभः
- पपीहा – चातकः
- फाख्ता - कपोत:
- बतख - कादम्ब:
- बटेर - वर्तकः
- बुलबुल - कलापी
- बाज - गरुण:
- बगुला - बक:
- मैना - सारिका
- मुर्गी - कुक्कुटी
- मुर्गा - कुक्कुट:
- मोर - मयूर:‚ बर्हिन
- महोखा -
- शुतुरमुर्ग - उष्ट्रपक्षी
- सारस - सारस:
- हंस - हंस:‚ मरालः
इति
- अंगरखा – अंगरक्षिका
- अंगोछा - गात्रमार्जनी
- उनी वस्त्र - रांकवम्
- ओढनी - प्रच्छदपट:
- कंबल - कम्बल:
- कनात - काण्डपट:, अपटी
- कपडा - वस्त्रम्, वसनम्, चीरम्
- कमरबन्द - रसना, परिकर:, कटिसूत्रम्
- कुरता - कंचुक:, निचोल:
- कोट - प्रावार:
- गद्दा - तूलसंतर:
- गलेबन्द - गलबन्धनांशुकम्
- चादर - शय्याच्छादनम्, प्रच्छद:
- जांघिया - अर्धोरुकम्
- जाकेट - अंगरक्षक:
- जूता - उपानह
- तकिया - उपधानम्
- दरी - आस्तरणम्
- दुपट्टा - उत्तरीयम्
- धोती - अधोवस्त्रम्, धौतवस्त्रम्
- नाइटड्रेस - नक्तकम्
- नायलोन का - नवलीनकम्
- पगडी - शिरस्त्रम्, उष्णीषम्
- परदा - यवनिका, तिरस्करिणी, अवगुण्ठनम्
- पायजामा - पादयाम:
- पेटीकोट - अन्तरीयम्
- पैंट - आप्रपदीनम्
- बिछौना - शैय्या
- ब्लाउज - कंचुलिका
- मरेठा (टोपी) -शिरस्कम्, शिरस्त्राणम्
- मोजा - पादत्राणम्
- रजाई - तूलिका, नीशार:
- रुई - कार्पास:, तूल:
इति
| क्रमसं. | पुष्पनाम | संस्कृतम् |
|---|
| १ | कनेर | कर्णिकार: |
| २ | कमल (नीला) | इन्दीवरम् |
| ३ | कमल (श्वेत) | कैरवम् |
| ४ | कमल (लाल) | कोकनदम्, पद्मम् |
| ५ | कुमुदनी | कुमुदम् |
| ६ | कुन्द | कुन्दम् |
| ७ | केवडा | केतकी |
| ८ | गुलाब | पाटलम् |
| ९ | गेंदा | स्थलपद्मम् |
| १० | चम्पा | चम्पक: |
| ११ | चमेली |
|
| १२ | जवापुष्प | जपापुष्पम् |
| १३ | जूही | यूथिका |
| १४ | दुपहरिया | बन्धूक: |
| १५ | नेवारी | नवमालिका |
| १६ | बेला | मल्लिका |
| १७ | मौलसरी | बकुल: |
| १८ | रातरानी | रजनीगन्धा |
| १९ | हरसिंगार | शेफालिका |
| २० | मालती | मालतीपुष्पम् |
इति
- आम - आम्रम्‚ रसालः‚ सहकारः
- अंगूर - द्राक्षाफलम्‚ मृद्वीका
- अनार - दाडिमम्
- आडू- आर्द्रालुः
- अनानास - अनानासम्
- अंजीर - अंजीरम्
- अखरोट - अक्षोटम्
- अमरूद - बीजपूरम्‚ आम्रलम्‚ दृढबीजम्‚ अमृतफलम्
- आंवला - आमलकम्
- इमली - तिंतिडीकम्‚ तिंतिडी
- केला - कदलीफलम्
- कैंथ - कपित्थ
- कदम्ब - कदम्बम्‚ नीपः
- करौंदा – करमर्दकः
- कत्था - खदिर:
- कंदमूल - कंदमूलम्
- कटहल - पनसम्
- खजूर -खर्जूरम्
- खूबानी -
- खरबूजा -वृत्तकर्कटी
- गूलर - उदुम्बरम्
- चीकू -
- चकोतरा – मधुकर्कटी
- जामुन - जम्बूफलम्
- झरबेरी -
- तरबूज - कलिंगम्
- नींबू - निम्बुकम्, जम्बीरम्
- नारियल – नारिकेलः
- मौसमी (मुसम्मी) - मातुलुंगम्
- महुआ – मधूकः
- मकोय – स्वर्णक्षीरी
- नासपाती - अमृतफलम्
- नारियल - नारिकेलम्
- पपीता - मधुकर्कटी
- फरसा -
- बेर - बदरीफलम्
- बेल - बिल्वम्
- शरीफा - सीताफलम्
- शहतूत -
- सन्तरा - नारंगम्
- सेब - सेवम्
- लीची - लीचिका
इति
- अंगूठी - अंगुलीयकम् , उर्मिका
- अंगूठी (नामांकित) - मुद्रिका
- एक लडी का हार - एकावली
- कंगना - कंकण: , कंकणम्
- कण्ठहार - कण्ठाभरणम्, कण्ठिका
- कनफूल - कर्णपूर:, कर्णिका
- करधनी - मेखला, कांचि:
- कान की बाली - कुण्डलम्
- गहना - अलंकार: , आभरणम्
- घुंघरू - किंकिणी
- चूडी - काचवलय:, काचवलयम्
- टिकुली - ललाटाभरणम्
- नथ - छोलिका
- नाक का फूल - नासापुष्पम्
- पहुॅंची - कटक:, आवापक:
- पाजेब (झांझ) - नूपुर:, नूपुरम्
- पुष्प माला - स्रक् (स्त्रीलिंग)
- बाजूबंद (ब्रेसलेट) - केयूरम्, अंगदम्
- बुलाक - वरमौक्तिकम्
- वेणी - स्त्रीमस्तकाभरणम्
- माला - ललन्तिका, लम्बनम्, स्रक्
- मोती का हार - हार:
- मोती की माला - मुक्तावली
- लच्छे - पादाभरणम्
- सोने का कडा - कटक:
- हसुली - ग्रैवेयकम्
- हाथ का तोडा - त्रौटकम्
इति
1- बाल - केशा:
2- माँग - सीमन्तम्
3- सफेद बाल - पलितकेशा:
4- मस्तक - ललाटम्
5- भौंह - भ्रू:
6- पलक - पक्ष्म:
7- पुतली - कनीनिका
8- नाक - नासिका
9- उपरी ओंठ - ओष्ठ:
10- निचले ओंठ - अधरम्
11- ठुड्डी - चिबुकम्
12- गाल - कपोलम्
13- गला - कण्ठ:
14- दाढी, मूँछ- श्मश्रु:
15- मुख - मुखम्
16- जीभ - जिह्वा
17- दाँत- दन्ता:
18- मसूढे - दन्तपालि:
19- कन्धा - स्कन्ध:
20- सीना - वक्षस्थलम्
21- हाँथ - हस्त:
22- अँगुली - अंगुल्य:
23- अँगूठा - अँगुष्ठ:
24- पेट - उदरम्
25- पीठ - पृष्ठम्
26- पैर - पाद:
27- रोएँ - रोम
अंगीठी - हसन्ती
कटोरा - कटोरम्
कटोरी - कसोरिका, कटोरी, कटोरा
कडाही - स्वेदिनी, कटाह:
कांच का गिलास - काचचषक:
कण्डाल - वारिधि:
करछुल - दर्वी
गिलास - चषक:
घडा - घट:, कुम्भ:
चम्मच - चमस:
चिममची - हस्तधावनी, पतद्ग्रहा
चीमटा - सन्दंश:
जार (कांच का) - काचघटी
टब (पानी का ) - द्रोणि:, द्रोणी
तवा - ऋजीषम्
तसला - धिषणा
थाली - स्थालिका, थालिका
पतीली - स्थाली
प्याला - चषक:
प्लेट - शराव:
बाल्टी - उदंचनम्
लोटा - करक:, कंस:
सास पैन - उखा
स्टोव - उद्ध्मानम्
इति
- औरत - स्त्री, योषित्, नारी
- गाभिन - गर्भिणी
- चचेरा भाई - पितृव्यपुत्र:
- चाचा - पितृव्य:
- चाची - पितृव्यपत्नी
- छोटा भाई - अनुज:, कनिष्ठसहोदर:
- जमाई (दामाद) - जामातृ
- जीजा (बहनोई) - आवुत्त:, भगिनीपति:
- दादा - पितामह:
- दादी - पितामही
- दुश्मन - अरि:, रिपु:, शत्रु:
- दूती - संचारिका, दूती
- देवर - देवर:
- देवरानी - यातृ (याता)
- ननद - ननान्दृ (ननान्दा)
- नाती - नप्तृ (नप्ता)
- नाना - मातामह:
- नानी - मातामही
- नौकर - भृत्य:, प्रैष्य:, अनुचर:
- नौकरानी - परिचारिका
- पति - पति:
- पतिव्रता - साध्वी
- पतोतरा (तरी) - प्रपौत्र:, प्रपौत्री
- परदादा - प्रपितामह:
- परदादी - प्रपितामही
- परनाना - प्रमातामह:
- परनानी - प्रमातामही
- पिता - जनक: , पितृ (पिता)
- पुत्र - पुत्र:, आत्मज:
- पुत्री - पुत्री, आत्मजा
- पोता - पौत्र:
- पोती - पौत्री
- फूआ - पितृष्वसृ (पितृष्वसा)
- फूफा - पितृष्वसृपति:
- फुफेरा भाई - पैतृष्वस्रीय:
- बडा भाई - अग्रज:
- बहिन - भगिनी, स्वसृ (स्वसा)
- भतीजा - भ्रात्रीय:, भ्रातृपुत्र:
- भतीजी - भ्रातृसुता
- भानजा - स्वस्रीय:, भागिनेय:
- भाभी (भौजाई) - भ्रातृजाया, प्रजावती
- माता - मातृ (माता), जननी
- मामा, मामी - मातुल:, मातुली
- मालिक - स्वामी, प्रभु:
- मित्र - वयस्य:, मित्रम्, सुहृद्
- मौसा - मातृष्वसृपति:
- मौसी - मातृष्वसृ (मातृष्वसा)
- मौसेरा भाई - मातृष्वस्रीय:
- यार - जार:, उपपति:
- रंडा - विधवा, विश्वस्ता, रण्डा
- रिश्तेदार (सम्बन्धी) - ज्ञाति:, बन्धु:
- वृद्धपरनाना - वृद्धप्रपितामह:
- वेश्या - गणिका, वारस्त्री, वेश्या
- सखी - आलि:, वयस्या
- सगा भाई - सहोदर:
- समधिन - सम्बन्धिनी
- समधी - सम्बन्धिन्
- ससुर - श्वशुर:
- साला - श्याल:
- सास - श्वश्रू:
- सोहागिन - पुरन्ध्रि:, सौभाग्यवती
इति